Defence PSU : भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में अच्छी रिकवरी दिखी और स्टॉक लगभग 3.3 फीसदी चढ़कर 280.75 रुपये के स्तर के पास ट्रेड करता दिखा। यह उछाल गुरुवार को आई करीब 9 फीसदी की तेज गिरावट और इंट्राडे लोअर सर्किट के ठीक बाद देखने को मिला, जब पॉलिसी से जुड़ी खबरों के कारण कैपिटल गुड्स शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।
गिरावट की वजह और पॉलिसी चिंता
गुरुवार की गिरावट उन रिपोर्ट्स के बाद आई थी, जिनमें संकेत मिला था कि सरकार पब्लिक प्रोजेक्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदियों में आंशिक ढील पर विचार कर सकती है। इस संभावना ने घरेलू कैपिटल गुड्स और इंजीनियरिंग कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने का डर पैदा किया, जिसका सीधा असर BHEL, L&T और अन्य EPC स्टॉक्स पर देखने को मिला और BHEL इंट्राडे में लोअर सर्किट के पास तक टूट गया।
UBS की ‘Buy’ कॉल और 375 रुपये का टारगेट
तीखी गिरावट के ठीक बाद ग्लोबल ब्रोकरेज UBS ने BHEL पर ‘Buy’ रेटिंग को दोहराया और 375 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस बरकरार रखा। यह टारगेट गुरुवार के क्लोजिंग लेवल से लगभग 35–36 फीसदी तक की संभावित अपसाइड दिखाता है और ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया करेक्शन स्टॉक में एंट्री का मौका बन सकता है, क्योंकि कंपनी का ऑर्डर इंफ्लो और एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी दोनों मजबूत दिख रहे हैं।
5,400 करोड़ का कोल गैसिफिकेशन ऑर्डर
UBS ने खास तौर पर BHEL को मिले 5,400 करोड़ रुपये के कोल गैसिफिकेशन और रॉ सिनगैस क्लीनिंग प्लांट के बड़े ऑर्डर को पॉजिटिव बताया है। यह ऑर्डर Bharat Coal Gasification and Chemicals Ltd (BCGCL) ने दिया है, जो Coal India Ltd (51%) और BHEL (49%) का जॉइंट वेंचर है, और यह ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लक्ष्मणपुर इलाके में 2,000 TPD कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए है।
PFBG टेक्नोलॉजी का पहला कमर्शियल इस्तेमाल
यह प्रोजेक्ट BHEL की खुद की डेवलप की गई Pressurised Fluidised Bed Gasification (PFBG) टेक्नोलॉजी का पहला कमर्शियल उपयोग होगा, जिसे खास तौर पर हाई ऐश इंडियन कोल के लिए डिजाइन किया गया है। इससे कंपनी R&D स्टेज से निकलकर बड़े पैमाने पर एक्जीक्यूशन फेज में जाती दिख रही है, जो भविष्य में और कोल गैसिफिकेशन और वैल्यू-एडेड केमिकल प्रोजेक्ट्स के लिए रेफरेंस पॉइंट बन सकता है।
प्रोजेक्ट की अवधि और रेवेन्यू विजिबिलिटी
BCGCL के इस कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए BHEL को दिए गए LSTK पैकेज में डिजाइन, इंजीनियरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, कोल गैसिफिकेशन यूनिट, रॉ सिनगैस क्लीनिंग प्लांट और संबंधित यूटिलिटीज शामिल हैं। प्रोजेक्ट का एग्जीक्यूशन पीरियड लगभग 42 महीने तय किया गया है, जबकि ऑपरेशन और मेंटेनेंस की अवधि 60 महीने रहेगी, जिससे BHEL को अगले कई वर्षों तक रेवेन्यू और सर्विस इनकम की अच्छी विजिबिलिटी मिलती है और FY26 के लिए उसके ऑर्डर इंफ्लो लक्ष्य का लगभग 60 फीसदी हिस्सा पहले ही कवर हो चुका है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।