Waaree Energies Ltd भारत की प्रमुख सोलर उपकरण निर्माता कंपनी है। हाल के महीनों में इस स्टॉक पर विदेशी निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। स्क्रीनर के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 में कंपनी में FII की हिस्सेदारी 1.40 प्रतिशत थी जो मार्च 2025 में घटकर 0.70 प्रतिशत हो गई। जून 2025 में यह 2.68 प्रतिशत, सितंबर 2025 में 6.35 प्रतिशत और दिसंबर 2025 में 6.91 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे एक साल में FII हिस्सेदारी में लगभग 394 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
DII हिस्सेदारी में स्थिरता
घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी इस दौरान ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। दिसंबर 2024 में DII की हिस्सेदारी 2.70 प्रतिशत थी जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गई। यह केवल 0.16 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है। FII की तुलना में DII पहले से मौजूद स्थिति को बनाए रखे हुए हैं। स्क्रीनर डेटा से पता चलता है कि पब्लिक होल्डिंग भी स्थिर रही है।
कंपनी का मजबूत बिजनेस प्रोफाइल
Waaree Energies भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल निर्माता और निर्यातक है। FY24 में घरेलू सोलर मॉड्यूल बाजार में इसकी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत और भारत के सोलर मॉड्यूल निर्यात में 44 प्रतिशत रही। कंपनी की स्थापित क्षमता FY21 में 2 GW से बढ़कर FY24 में 13.3 GW हो गई। दिसंबर 2025 तक यह वैश्विक स्तर पर 22.3 GW तक पहुंच चुकी है जिसमें भारत में 19.7 GW और अमेरिका में 2.6 GW शामिल हैं। हाल ही में गुजरात के समखियाली संयंत्र में 1.5 GW का विस्तार किया गया है।
हालिया वित्तीय परिणाम
जनवरी 2026 तक Waaree Energies का शेयर मूल्य 2552 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 73,412 करोड़ रुपये है। ROCE 34.9 प्रतिशत और ROE 27.4 प्रतिशत है जो मजबूत परिचालन दक्षता दिखाता है। FY25 में बिक्री 14,444 करोड़ रुपये रही जबकि TTM बिक्री 17,953 करोड़ रुपये है। Q3 FY26 में Waaree Renewable Technologies का राजस्व 851 करोड़ रुपये और PAT 120 करोड़ रुपये रहा।
भविष्य के विस्तार कार्यक्रम
कंपनी अगले दो वर्षों में लगभग 26,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान पर काम कर रही है। इसमें 27 GW मॉड्यूल क्षमता, 15.5 GW सोलर सेल क्षमता, 10 GW इंगॉट और वेफर क्षमता, 20 GW बैटरी सेल और पैक उत्पादन तथा 1 GW से अधिक इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता शामिल है। मैनेजमेंट ने कैश पोजीशन को मजबूत बताया है लेकिन जरूरत पर QIP से पूंजी जुटाने का विकल्प खुला रखा है। हाल ही में आठ स्टेप-डाउन सब्सिडियरी कंपनियां शामिल की गई हैं पावर प्रोजेक्ट्स के लिए। जनवरी 2026 में 105 MW और 140 MW के सोलर ऑर्डर मिले हैं।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।