भारत की सबसे बड़ी Airlines को लग सकता है ₹1,180 करोड़ का बड़ा झटका! फ्लाइट कैंसिलेशन के मामले में DGCA का बड़ा एक्शन, शेयरों पर दिखेगा असर…

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IndiGo Airlines पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने दिसंबर 2025 की उड़ान रुकावटों के लिए कार्रवाई की है। 16 जनवरी 2026 को जारी आदेश में एयरलाइन पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिसंबर 3 से 5 तक 2507 उड़ानें रद्द हुईं और 1852 में देरी हुई जिससे तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। कुल वित्तीय प्रभाव 1180 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।​​

FDTL नियम उल्लंघन पर जुर्माना

DGCA ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के सिस्टमेटिक उल्लंघन के लिए IndiGo पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स के बहु-उल्लंघन पर 1.80 करोड़ रुपये का एकमुश्त जुर्माना शामिल है। इसके अलावा 5 दिसंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक 68 दिनों के गैर-अनुपालन के लिए प्रतिदिन 30 लाख रुपये की दर से 20.40 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगी। यह जुर्माना विमान नियम 1937 के तहत लगाया गया।​

50 करोड़ की बैंक गारंटी जरूरी

DGCA ने IndiGo को इंडिगो सिस्टेमैटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम के तहत 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया। यह गारंटी निगरानी, मैनपावर प्लानिंग, रोस्टरिंग सिस्टम और डिजिटल ऑपरेशनल मजबूती पर सुधार पूरे होने तक ब्लॉक रहेगी। सुधार चार चरणों में पूरे होने पर राशि चरणबद्ध रिलीज होगी। DGCA ने चार प्रमुख सुधार क्षेत्र निर्धारित किए हैं। यह एयरलाइन के अनुपालन पर नजर रखने का उपाय है।​

यात्रियों को मुआवजा और वाउचर

दिसंबर अव्यवस्थाओं से बुरी तरह प्रभावित यात्रियों को IndiGo 500 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देगी। इसमें वे यात्री शामिल हैं जिनकी उड़ानें 24 घंटे के अंदर रद्द हुईं या जो हवाई अड्डों पर फंसे रहे। 3 से 5 दिसंबर के बीच रद्द या तीन घंटे से ज्यादा देरी वाली उड़ानों के यात्रियों को 10,000 रुपये का जेस्चर ऑफ केयर वाउचर मिलेगा जो 12 महीने वैध रहेगा। कंपनी ने प्रभावित यात्रियों की संख्या तीन लाख से अधिक बताई।​​

टिकट रिफंड का बोझ

IndiGo ने 7 दिसंबर 2025 तक 610 करोड़ रुपये के टिकट रिफंड यात्रियों को मूल भुगतान माध्यम से लौटा दिए। यह आंकड़ा बाद के रिफंड से और बढ़ सकता है। रिफंड सीधे लाभ-हानि पर असर नहीं डालते लेकिन कैश प्रवाह पर दबाव बनाते हैं। कुल प्रॉफिट-लॉस प्रभाव 522 करोड़ रुपये से अधिक का है जिसमें मुआवजा और पेनल्टी शामिल हैं। बैंक गारंटी सहित कुल असर 1180 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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