Suzlon Energy पहुंचा 52 वीक लों पर, फिर भी एक्सपर्ट हुए सुपर बुलिश, दिया ₹81 का बड़ा टारगेट, मिलेगा 54% का बंपर रिटर्न!

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Suzlon Energy के शेयरों पर आज 20 जनवरी 2026 को लगातार तीसरे दिन बिकवाली का दबाव देखा गया। बीएसई पर यह शेयर 1.48 प्रतिशत गिरकर 47.27 रुपये पर बंद हुआ, जबकि इंट्राडे में 1.73 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 47.15 रुपये तक फिसला। पिछले तीन दिनों में शेयर करीब 3 प्रतिशत टूट चुका है और अब यह एक साल के निचले स्तर 46.15 रुपये के बहुत करीब पहुंच गया है, जो 2025 में छुआ गया था।​

मौजूदा स्तर से ऊंचाई की स्थिति

इस शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 74.30 रुपये रहा, जो 30 मई 2025 को हासिल किया गया था। उस निचले स्तर से दो महीने के अंदर ही यह 61.52 प्रतिशत उछलकर ऊपरी स्तर पर पहुंचा था। वर्तमान में मार्केट कैप 64,928 करोड़ रुपये है, पीई रेशियो 20.60 और आरओसीई 24.15 प्रतिशत है। शेयर ने पिछले एक साल में 16.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, लेकिन तीन साल में 394.09 प्रतिशत और पांच साल में 601.18 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।​

मोतीलाल ओसवाल का टारगेट प्राइस

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी पर खरीदारी की रेटिंग बरकरार रखी है। इसकी रिपोर्ट में 20 जनवरी 2026 को जारी नोट के अनुसार टारगेट प्राइस 74 रुपये रखा गया है। मौजूदा बंद भाव 47.94 रुपये से यह 54% ऊपर जाने की संभावना जताई गई है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर के 52 सप्ताह के उच्च स्तर से 37 प्रतिशत की गिरावट के बाद चिंताएं कीमत में समा चुकी हैं।

एनालिस्टों की राय

सुजलॉन एनर्जी को कवर करने वाले नौ एनालिस्टों में से सभी ने खरीदारी की सलाह दी है। इसमें 100 प्रतिशत खरीदारी रेटिंग है, कोई होल्ड या बिकवाली नहीं। जेएम फाइनेंशियल ने 81 रुपये और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने 76 रुपये का टारगेट प्राइस लगाया है। रिफाइनिटिव के अनुसार भी सभी नौ एनालिस्ट खरीदारी सुझा रहे हैं। औसत टारगेट प्राइस 71.20 रुपये है, जिसमें अधिकतम 82 रुपये और न्यूनतम 56 रुपये शामिल हैं।​

गिरावट के पीछे बाजार चिंताएं

विंड टेंडर्स में सोलर की अधिक हिस्सेदारी, विंड इंस्टॉलेशन में सुस्ती और बढ़ते कॉम्पिटिशन से शेयर पर दबाव पड़ा है। 40 गीगावाट के पेंडिंग पावर परचेज एग्रीमेंट्स में 17 गीगावाट शुद्ध सोलर से जुड़े हैं, विंड की हिस्सेदारी नगण्य है। डेटा सेंटर, सीआई कंज्यूमर्स और पीएसयू से 2030 तक विंड डिमांड 20-24 गीगावाट बढ़ सकती है। यह देश के 100 गीगावाट विंड टारगेट से अधिक होगा।​

मैन्युफैक्चरिंग और ऑर्डर बुक क्षमता

Suzlon Energy का ऑर्डर बुक दिसंबर 2025 में 6.2 गीगावाट तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2025 के अंत में 5.6 गीगावाट था। मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी पिछले दो सालों में 3 गीगावाट से बढ़कर 4.5 गीगावाट हो गई है। प्रति वर्ष 20 गीगावाट की सालाना क्षमता है। वित्त वर्ष 2027 में 7-7.3 गीगावाट और उसके बाद 8-9 गीगावाट तक ले जाने की योजना है। एस144 प्लेटफॉर्म टर्बाइन्स से ऑर्डर बुक में वृद्धि हुई है।​

वित्तीय आंकड़े और प्रदर्शन

Suzlon Energy का पीबी रेशियो 8.33, आरओई 33.93 प्रतिशत और बुक वैल्यू 5.76 रुपये है। वित्त वर्ष 2024-25 में रेवेन्यू 10,300 करोड़ रुपये रहा, जो 73.9 प्रतिशत बढ़ा। नेट प्रॉफिट 2,105 करोड़ रुपये हो गया, जो 191.04 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सेप्टेंबर 2025 तिमाही में रेवेन्यू 3,892 करोड़ और नेट प्रॉफिट 1,279 करोड़ रहा। प्रोमोटर होल्डिंग 11.73 प्रतिशत, एफआईआई 23.73 प्रतिशत और डीआईआई 9.24 प्रतिशत है।

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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