सुस्त बाजार में रॉकेट बना ये Defence Stock, जर्मनी के साथ ₹72000 करोड़ की होने वाली है बड़ी डील, फोकस में रहेंगे शेयर!

Defence Stock : डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Ltd के शेयरों में शुक्रवार के कारोबार में तगड़ी तेजी देखी गई और स्टॉक इंट्राडे में करीब 5 फीसदी उछलकर 2,606–2,607 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 1,00,000–1,00,030 करोड़ रुपये के आसपास दिखा और पिछले एक साल में शेयर ने करीब 16–40 फीसदी व पिछले पांच साल में 2,100–3,200 फीसदी से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।​

72,000 करोड़ रुपये की पनडुब्बी डील

शेयर में तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और जर्मनी के बीच प्रस्तावित लगभग 8 अरब डॉलर यानी करीब 72,000 करोड़ रुपये की मेगा सबमरीन डील मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी की Thyssenkrupp Marine Systems और Mazagon Dock मिलकर भारतीय नौसेना के लिए हाई-टेक पनडुब्बियां भारत में ही बनाएंगे, जिसमें व्यापक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल रहेगा और यह डील प्रोजेक्ट 75(I) कार्यक्रम के तहत भारत की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील्स में से एक हो सकती है।​

नई पनडुब्बियों की तकनीकी खासियत

प्रस्तावित पनडुब्बियों में एडवांस्ड एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम लगाए जाने की बात कही गई है, जिससे वे सामान्य डीजल–इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की तुलना में पानी के भीतर काफी लंबी अवधि तक बिना सतह पर आए ऑपरेट कर सकेंगी। AIP तकनीक की वजह से सबमरीन का नॉइज़ लेवल कम होगा, स्टील्थ क्षमता बढ़ेगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग, निगरानी और स्ट्रेटेजिक डिटरेंस क्षमता मजबूत होगी, जो ब्लू–वॉटर नेवी के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।​

Mazagon Dock की रणनीतिक स्थिति और ऑर्डर बुक

Mazagon Dock पहले से ही भारतीय नौसेना के लिए P-15B डेस्ट्रॉयर, P-17A स्टील्थ फ्रिगेट और P-75 कलवरी क्लास पनडुब्बियों जैसी जटिल प्लेटफॉर्म्स का निर्माण कर रही है और कंपनी ने अपने जहाजों में स्वदेशी कंटेंट लगातार बढ़ाया है। सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी की ऑर्डर बुक 27,415 करोड़ रुपये रही, जो इसके TTM रेवेन्यू के लगभग 2.3 गुना के बराबर है और करीब 2–3 साल की रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है, जबकि भविष्य में अतिरिक्त स्कॉर्पीन सबमरीन, P-75(I) और अन्य नेवल प्रोजेक्ट्स से ऑर्डर बुक 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जाने की संभावनाएं भी विश्लेषकों द्वारा जताई गई हैं।​

Q2 FY26 नतीजे और वित्तीय मजबूती

Q2 FY26 में Mazagon Dock का ऑपरेशनल रेवेन्यू 6.2–6.3 फीसदी सालाना बढ़कर 2,929.2–2,929.24 करोड़ रुपये हो गया, जो Q2 FY25 के 2,756.8 करोड़ रुपये के मुकाबले बेहतर रहा और तिमाही आधार पर भी लगभग 11–12 फीसदी की ग्रोथ दिखी। इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28 फीसदी YoY उछलकर 749–749.5 करोड़ रुपये रहा, EBITDA लगभग 695–965 करोड़ रुपये और मार्जिन 23–23.7 फीसदी तक सुधरा, जबकि 27,415 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक, मजबूत कैश फ्लो और नियमित डिविडेंड कंपनी की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ दिखाते हैं।​

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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