Multibagger Railway PSU : रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को सेंट्रल रेलवे से 89 करोड़ रुपये का एक बड़ा घरेलू प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी ने 14 जनवरी 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी। यह ऑर्डर लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस के रूप में प्राप्त हुआ है।
प्रोजेक्ट का पूरा दायरा
यह प्रोजेक्ट सेंट्रल रेलवे के मुंबई, पुणे, सोलापुर, भुसावल और नागपुर डिवीजनों के कई रेलवे स्टेशनों पर आईपी-एमपीएलएस नेटवर्क उपकरणों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग से जुड़ा है। इस नेटवर्क से भारतीय रेलवे का यूनिफाइड कम्युनिकेशन सिस्टम मजबूत होगा। प्रोजेक्ट को 13 जनवरी 2027 तक पूरा करना है।
रद्द हुए 609 करोड़ के पुराने ऑर्डर
रेलटेल ने उसी दिन बताया कि बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल से जुड़े 609.56 करोड़ रुपये के कई वर्क ऑर्डर रद्द हो गए हैं। इनमें 262.14 करोड़ का स्मार्ट क्लासरूम प्रोजेक्ट सरकारी मिडिल स्कूलों के लिए था। अन्य ऑर्डरों में 89.92 करोड़ का टीचिंग मटेरियल सप्लाई और 257.50 करोड़ का अलग एजुकेशन प्रोजेक्ट शामिल है। ग्राहक ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर इन्हें रद्द किया।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
रेलटेल कॉरपोरेशन का ऑर्डर बुक मूल्य 8251 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 951 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 744 करोड़ से 28 प्रतिशत ज्यादा है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 76 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शुद्ध लाभ मार्जिन मजबूत बना हुआ है।
हालिया शेयर मूल्य आंदोलन
बीएसई पर RailTel शेयर 14 जनवरी 2026 को 3.63 प्रतिशत चढ़कर 352.50 रुपये पर बंद हुए। जनवरी 2026 में अब तक 5.38 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले छह महीनों में शेयरों में लगभग 14 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। मार्केट कैप 11,328 करोड़ रुपये है। पीई रेशियो 81.10 है।
कंपनी का बैकग्राउंड
रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ रेलवेज के तहत एक मिनी रत्न पीएसयू है। कंपनी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर्स और रेलवे कम्युनिकेशन पर काम करती है। वित्त वर्ष 2025-26 में नई ऑर्डर वैल्यू 3317 करोड़ रुपये रही। कंपनी का फोकस रेलवे नेटवर्क को डिजिटल बनाने पर है।
अन्य हालिया ऑर्डर
रेलटेल को हाल ही में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से 63.92 करोड़ का ऑर्डर मिला। दिसंबर 2025 में रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर से 148 करोड़ का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ, जो 2030 तक चलेगा। ये ऑर्डर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क सिक्योरिटी से जुड़े हैं। कंपनी लगातार सरकारी प्रोजेक्ट हासिल कर रही है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।