Navratna Renewable PSU इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने अक्टूबर–दिसंबर 2025 (Q3 FY26) में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शेयर नतीजों के दिन 3.19 फीसदी टूटकर करीब 136–141 रुपये के बीच बंद हुआ, लेकिन बिजनेस ग्रोथ के आंकड़े काफी मजबूत दिखे।
मुनाफा, रेवेन्यू और NII में तेज ग्रोथ
BSE पर फाइल किए गए नतीजों के मुताबिक IREDA का नेट प्रॉफिट Q3 FY26 में 38 फीसदी बढ़कर 585 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 425.4 करोड़ रुपये था। ऑपरेशन से रेवेन्यू 26–38 फीसदी बढ़कर 2,130–2,140 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो Q3 FY25 के 1,698–1,699 करोड़ रुपये के मुकाबले साफ बढ़त दिखाता है।
कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी जोरदार उछाल दिखा और यह 34.8–35 फीसदी बढ़कर 897–898 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह लगभग 666 करोड़ रुपये थी। नतीजों के साथ जारी डाटा के अनुसार इंटरेस्ट स्प्रेड 2.28 फीसदी से बढ़कर 2.63 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.33 फीसदी से बढ़कर 3.74 फीसदी हो गया, जिससे मार्जिन प्रोफाइल में स्पष्ट सुधार दिखा।
लोन डिस्बर्समेंट, नेट वर्थ और लोन बुक
Q3 FY26 में IREDA ने 9,860 करोड़ रुपये के लोन डिस्बर्स किए, जो सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि Q3 FY25 में डिस्बर्समेंट 7,449 करोड़ रुपये था। अप्रैल–दिसंबर 2025 (9M FY26) के दौरान कुल डिस्बर्समेंट 24,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 17,327 करोड़ रुपये से लगभग 44 फीसदी अधिक है।
कंपनी की नेट वर्थ Q3 FY25 के 9,842 करोड़ रुपये से बढ़कर Q3 FY26 में 13,537 करोड़ रुपये हो गई, यानी 38 फीसदी की ग्रोथ, जो मजबूत कैपिटलाइजेशन दिखाती है। कुल लोन बुक 28 फीसदी बढ़कर 87,975 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि एक साल पहले दिसंबर 2024 के अंत में यह लगभग 68,960–84,477 करोड़ रुपये के बीच थी; इससे साफ दिखता है कि IREDA क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में तेजी से फंडिंग बढ़ा रही है।
एसेट क्वालिटी में सुधार और मैनेजमेंट का संदेश
तिमाही आधार पर IREDA की एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला, जहां ग्रॉस NPA Q2 FY26 के 3.97 फीसदी से घटकर 3.75 फीसदी पर आ गया। इसी तरह नेट NPA 1.97 फीसदी से घटकर 1.68 फीसदी पर पहुंच गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स की रिकवरी और कलेक्शन प्रोफाइल बेहतर हुई है और क्रेडिट कॉस्ट पर दबाव सीमित है।
नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए IREDA के CMD प्रदीप कुमार दास ने कहा कि Q3 FY26 का मजबूत प्रदर्शन भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन को फाइनेंस करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दिखाता है। उनका कहना है कि लोन डिस्बर्समेंट, नेट वर्थ और प्रॉफिटेबिलिटी में लगातार बढ़ोतरी स्टेकहोल्डर्स के भरोसे को दर्शाती है और इनोवेटिव फाइनेंसिंग के जरिए नेशनल क्लीन एनर्जी गोल्स को सपोर्ट करने का लक्ष्य और मजबूत हुआ है।
भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की रफ्तार
भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा सबसे बड़े growth driver बने हुए हैं। MNRE के ताजा आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 तक देश की कुल रिन्यूएबल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 220.10 GW तक पहुंच गई, जिसमें लगभग 105.65 GW सोलर, 50.04 GW विंड, 11.58 GW बायोएनर्जी और 5.10 GW स्मॉल हाइड्रो शामिल हैं; इसके अलावा 234.46 GW की RE पाइपलाइन भी अलग-अलग चरणों में है।
FY20 में जहां लगभग 134–141 GW के आसपास रिन्यूएबल कैपेसिटी थी, वहीं FY25–26 तक यह 200–220 GW के ऊपर निकल चुकी है, यानी 5–6 साल में करीब 60–70 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ। सोलर कैपेसिटी FY20 के लगभग 36 GW से बढ़कर 100 GW से ऊपर और विंड 38 GW से बढ़कर 50 GW के आसपास पहुंच चुकी है, जिसे देखते हुए रिन्यूएबल फाइनेंसिंग कंपनियों के लिए लंबी अवधि की demand visibility काफी मजबूत मानी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।