इस Railway PSU ने शुक्रवार को बताया कि वह साउथ ईस्टर्न रेलवे के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी है। जीएसटी को छोड़कर ऑर्डर की वैल्यू 87.56 करोड़ रुपये है। यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू ई-टेंडर के जरिए मिला है और इसमें किसी संबंधित पार्टी का इंटरेस्ट नहीं है।
RVNL Order Details
यह ऑर्डर LHB कोचों में IP-आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम (VSS) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग के लिए है। हर कोच में चार कैमरे लगाए जाएंगे, साथ ही मजबूत हैंड-हेल्ड टर्मिनल या टैबलेट और RDSO स्पेसिफिकेशन के अनुसार 8 टीबी एक्सटर्नल SSD शामिल हैं। परचेज ऑर्डर जारी होने की तारीख से 10 महीनों में यह काम पूरा होगा।
हालिया अन्य ऑर्डर
पिछले महीने RVNL ईस्ट कोस्ट रेलवे के प्रोजेक्ट के लिए L1 बनी, जिसमें कांटाबांजी में 200 वैगनों की क्षमता वाली वैगन पीरियोडिकल ओवरहॉल वर्कशॉप स्थापित करना है। जीएसटी को छोड़कर इसकी वैल्यू 201.23 करोड़ रुपये है। यह कॉन्ट्रैक्ट एकमात्र बोली के आधार पर मिला और इसे 18 महीनों में पूरा करना है।
ऑर्डर बुक की स्थिति
30 सितंबर 2025 तक RVNL की ऑर्डर बुक 90,000 करोड़ रुपये की है। इसमें 48 प्रतिशत हिस्सा लिगेसी रेलवे प्रोजेक्ट्स का, 51 प्रतिशत कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोजेक्ट्स का और 4 प्रतिशत इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का है। कंपनी का बिडिंग पाइपलाइन 75,000-80,000 करोड़ रुपये का है और H1 में 2,000 करोड़ के ऑर्डर इनफ्लो हुए।
Q2 FY26 वित्तीय नतीजे
Q2 FY26 में RVNL की रेवेन्यू ऑपरेशंस से 5,333.36 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 3.8 प्रतिशत ज्यादा है। नेट प्रॉफिट 230.52 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के Q2 के 286.90 करोड़ से 19.7 प्रतिशत कम है। EBITDA 216.9 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 4.2 प्रतिशत पर आ गया।
सालाना वित्तीय प्रदर्शन
FY25 में नेट सेल्स 19,923 करोड़ रुपये रही, जो FY24 से 9 प्रतिशत कम है। नेट प्रॉफिट 1,282 करोड़ रुपये हो गया, जो 19 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी का ROE 14 प्रतिशत और ROCE 15 प्रतिशत है। पिछले 5 साल में प्रॉफिट CAGR 21 प्रतिशत रहा और डिविडेंड पेआउट 33.4 प्रतिशत रखा गया।
RVNL Share Price
16 जनवरी 2026 को RVNL के शेयर 0.94 प्रतिशत गिरकर 335.15 रुपये पर बंद हुए। मार्केट कैप 70,484 करोड़ रुपये है। 52-सप्ताह हाई 501.80 रुपये और लो 301.20 रुपये रहा। पिछले एक साल में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है।
कंपनी का परिचय
RVNL एक नवरत्न कंपनी है, जिसकी स्थापना 2003 में भारत सरकार ने रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए की। यह रेलवे, मेट्रो और विदेशी प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है। कंपनी वंदे भारत ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग में भी शामिल है, जहां प्रोटोटाइप जून और अगस्त में आने हैं। यह सोलर विद बैटरी स्टोरेज और रोलिंग स्टॉक मेंटेनेंस जैसे नए सेक्टर्स में बढ़ रही है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।