Silver Price: 2026 में MCX पर ₹3,00,000/kg के पार जाएगी चांदी? 170% रिटर्न के बाद फिर होगा धमाका!

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Silver Price: 2026 में चांदी ने अपनी तेजी को बरकरार रखा है। साल की शुरुआत से अब तक MCX पर चांदी के भाव में जबरदस्त उछाल आया है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमतें 21.85 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं।​

Silver Price: MCX पर चांदी के नए रिकॉर्ड स्तर

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,89,000 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा है। मई एक्सपायरी वाला कॉन्ट्रैक्ट 2,95,999 रुपये प्रति किलो और जुलाई एक्सपायरी वाला 3,02,629 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। ये स्तर नए लाइफटाइम हाई हैं। स्पॉट मार्केट में चांदी 2,90,100 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है। 14 जनवरी 2026 को यह 15,000 रुपये की तेजी के साथ 2,90,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।​

अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का असर

अमेरिका के दिसंबर 2025 के महंगाई आंकड़ों ने चांदी को बल दिया है। कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महीने के आधार पर 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 2.7 प्रतिशत बढ़ा। यह बाजार के अनुमानों से कम रहा। इससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ीं। नॉन-यील्डिंग एसेट्स जैसे चांदी को इससे फायदा हुआ। ग्लोबल स्तर पर चांदी 86 डॉलर प्रति औंस के ऊपर ट्रेड कर रही है।​

ग्लोबल स्तर पर चांदी की स्थिति

दुनिया भर में चांदी 85.86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। जनवरी 2026 की शुरुआत में यह 2,416 डॉलर प्रति किलो थी, जो अब 2,876 डॉलर प्रति किलो हो गई है। भारत में कमजोर रुपया भी स्थानीय कीमतों को ऊपर धकेल रहा है। 2025 में चांदी ने 195 प्रतिशत का रिटर्न दिया था। 2026 में भी यह ट्रेंड जारी है।​

सप्लाई डेफिसिट की स्थिति

चांदी का बाजार पिछले पांच साल से सप्लाई डेफिसिट में है। 2023 में 194 मिलियन औंस, 2024 में 176 मिलियन औंस का कमी रही। 2025 में भी यह पांचवीं सालाना कमी का अनुमान है। माइनिंग और रीसाइक्लिंग से सप्लाई मांग को पूरा नहीं कर पा रही। सिल्वर इंस्टीट्यूट के अनुसार, 95 मिलियन औंस की कमी 2026 में भी बनी रह सकती है। यह ऊंची कीमतों का बड़ा कारण है।​

इंडस्ट्रियल डिमांड में इजाफा

चांदी की मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से तेजी से बढ़ रही है। इंडस्ट्रियल डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर है। स्ट्रक्चरल डिमांड सप्लाई पर दबाव बना रही है। ज्वेलरी और सिल्वरवेयर में भी इस्तेमाल होता है, लेकिन इंडस्ट्रियल यूज अब प्रमुख है। निवेश डिमांड में भी 187 मिलियन औंस का इजाफा ETFs में देखा गया।​

तकनीकी विश्लेषण और स्तर

टेक्निकल चार्ट्स पर चांदी का ट्रेंड बुलिश है। प्राइस ज्यादातर SMAs और EMAs के ऊपर है। RSI न्यूट्रल जोन में है और MACD पॉजिटिव है। MCX पर सपोर्ट लेवल 2,40,000 रुपये प्रति किलो के आसपास है। रेजिस्टेंस 3,00,000 रुपये प्रति किलो पर दिख रहा है। वीकली और मंथली चार्ट पर हायर हाईज और हायर लोज का पैटर्न बना है।​

भू-राजनीतिक और आर्थिक कारक

भू-राजनीतिक तनाव सेफ-हेवन डिमांड बढ़ा रहे हैं। कमजोर डॉलर चांदी को सपोर्ट दे रहा है। फेड की दर कटौती से नॉन-यील्डिंग मेटल्स आकर्षक हो गए हैं। ग्लोबल अनिश्चितताएं निवेशकों को चांदी की ओर खींच रही हैं। हालांकि, हाई प्राइस पर कुछ इंडस्ट्रीज विकल्प ढूंढ सकती हैं। सट्टेबाजी से शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी रह सकती है।

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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