गिरते बाजार में Suzlon Energy में कमाई का अच्छा मौका, क्या जाएगा ₹80 के पार, जानें एक्सपर्ट की राय

गिरते बाजार के बीच Suzlon Energy का शेयर जनवरी 2026 में लगभग 52–53 रुपये के दायरे में ट्रेड हो रहा है, जो अपने 52 हफ्ते के हाई 74.30 रुपये (मई 2025) से करीब 30 फीसदी नीचे है। हाल की कमजोरी के बावजूद स्टॉक पर ब्रोकरेज हाउस मध्यम से लंबी अवधि के लिए पॉजिटिव बने हुए हैं और कई रिपोर्ट्स में 74–80 रुपये तक के टारगेट दिखाए गए हैं।​

कितना जा सकता है Suzlon का शेयर

कंसेंसस डेटा के मुताबिक, 10 एनालिस्ट्स का औसत 12 महीने का टारगेट लगभग 73.8 रुपये है, जबकि हाई एस्टिमेट करीब 82 रुपये तक है। कुछ घरेलू ब्रोकरेज जैसे Motilal Oswal, ICICI Securities और JM Financial ने 74–80 रुपये तक के टारगेट दिए हैं और रेटिंग ज्यादातर Buy या Strong Buy की कैटेगरी में है।​

ब्रोकरेज की राय और टारगेट

एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि Q1 FY26 के नतीजों के बाद भी Suzlon पर प्रमुख ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक बने रहे, भले ही शेयर में शॉर्ट टर्म गिरावट आई हो। Motilal Oswal ने लगभग 80 रुपये का टारगेट देते हुए कहा कि 444 MW की रिकॉर्ड क्वार्टरली डिलीवरी, मजबूत 19 फीसदी के आसपास EBITDA मार्जिन और Tata Power के साथ संभावित 700 MW डील जैसी बातें अपसाइड को सपोर्ट करती हैं, जबकि ICICI Securities ने 76 रुपये का टारगेट रखते हुए 5.7 GW के ऑर्डर बुक को मुख्य ताकत बताया।​

Q2 FY26 के नतीजे

Q2 FY26 में Suzlon ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 85 फीसदी सालाना बढ़ाकर 3,866 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो कंपनी के इतिहास के सबसे मजबूत क्वार्टरों में से एक रहा। इसी तिमाही में PAT 538 फीसदी उछलकर 1,279 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जिसमें 717–718 करोड़ रुपये के आस-पास डिफर्ड टैक्स एसेट की मान्यता भी शामिल रही, जबकि भारत में 565 MW की रिकॉर्ड Q2 डिलीवरी और कुल 1,009 MW की H1 FY26 डिलीवरी दर्ज की गई।​

Suzlon का ऑर्डर बुक

30 सितंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक 6.2 GW के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें H1 FY26 के दौरान ही 2 GW से ज्यादा के नए ऑर्डर जुड़े हैं। प्रबंधन के अनुसार, भारत में FY26 में लगभग 6 GW और FY27 में 8 GW तक की इंस्टॉलेशन क्षमता बनने की संभावना है, जबकि सरकार के 2032 तक 122 GW विंड कैपेसिटी के लक्ष्य और C&I सेगमेंट में बढ़ती डिमांड से Suzlon को मजबूत घरेलू फायदा मिलने की संभावना है।​

वैल्यूएशन, रिटर्न और रिस्क फैक्टर

Suzlon का मार्केट कैप करीब 73,000 करोड़ रुपये के आसपास है और TTM P/E लगभग 23 गुना, जबकि P/B 12 से ज्यादा और बुक वैल्यू करीब 4.5 रुपये प्रति शेयर के आस-पास है। पिछले 5 साल में शेयर प्राइस CAGR लगभग 50 फीसदी के करीब रहा है, हालांकि 1 साल का रिटर्न हालिया करेक्शन के कारण लगभग माइनस 12–15 फीसदी के दायरे में है, जो दिखाता है कि स्टॉक हाई बीटा और वोलैटाइल कैटेगरी में आता है।​

ट्रेडिंग के नजरिए से Suzlon फिलहाल 50 रुपये के आसपास एक अहम सपोर्ट जोन पर दिख रहा है, जहां से कई बार प्राइस ने बाउंस देने की कोशिश की है। डेरिवेटिव और टेक्निकल व्यू में भी 60–65 रुपये के ऊपर टिके रहने पर 70–74 रुपये और अनुकूल परिस्थितियां रहने पर 80 रुपये तक की री-टेस्टिंग की संभावनाओं का जिक्र किया जाता है, जबकि डाउनसाइड पर ब्रोकरेज शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी, CFO के इस्तीफे जैसे इवेंट्स और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन रिस्क की ओर भी ध्यान दिलाते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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