Suzlon vs Inox Wind: गिरावट वाले बाजार में कौन सा स्टॉक देगा तगड़ा रिटर्न, जाने एक्सपर्ट की राय, किस स्टॉक में करें निवेश?

Suzlon vs Inox Wind : विंड एनर्जी सेक्टर के दोनों प्रमुख स्टॉक Suzlon Energy और Inox Wind हाल के महीनों में करेक्शन से गुज़रे हैं, लेकिन फंडामेंटल और वैल्यूएशन के आधार पर इनकी तस्वीर अलग दिखती है। गिरते या कंसोलिडेट होते बाजार में रिटर्न की संभावना समझने के लिए दोनों कंपनियों के बिजनेस, मुनाफे, वैल्यूएशन और एक्सपर्ट की राय पर नज़र ज़रूरी है।​

मौजूदा प्राइस, मार्केट कैप और रिटर्न

Suzlon Energy का शेयर जनवरी 2026 के आसपास 55–60 रुपये की रेंज में ट्रेड हो रहा है, 52 वीक हाई 80–81 रुपये और मार्केट कैप लगभग 69,000–73,000 करोड़ रुपये के बीच है। Inox Wind का शेयर लगभग 113–125 रुपये के लेवल पर है, 52 वीक हाई 167–170 रुपये और मार्केट कैप करीब 20,000–21,000 करोड़ रुपये, जहां पिछले एक साल में इसमें 25–27 फीसदी गिरावट और 3 साल में तेज उछाल दोनों दिखे हैं।

बिजनेस प्रोफाइल और ऑर्डर बुक

Suzlon भारत की सबसे बड़ी विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरिंग और EPC कंपनी है, जिसकी इंस्टॉल्ड विंड कैपेसिटी 20.9 GW से ज्यादा और भारत में 30 फीसदी से अधिक मार्केट शेयर माना जाता है। कंपनी के पास 6.2 GW से ज्यादा का मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें यूटिलिटी, IPP और C&I सेगमेंट के बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं और Q2 FY26 तक H1 में ही 2 GW से ज्यादा नए ऑर्डर जुड़े हैं, जिससे अगले कुछ सालों की रेवेन्यू विजिबिलिटी अच्छी दिखती है।​

Inox Wind भी पवन ऊर्जा उपकरण, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और O&M सर्विसेस के बिजनेस में है, पर इसका स्केल Suzlon से छोटा है और पिछले कई सालों तक कंपनी ने नुकसान बुक किया है। हालिया कर्ज पुनर्गठन और प्रमोटर सपोर्ट से बैलेंस शीट में सुधार की शुरुआत हुई है, लेकिन ऑर्डर बुक और एक्जीक्यूशन स्केल अभी भी Suzlon की तुलना में सीमित है और कंपनी का ROE/ROCE भी कम है।​

फाइनेंशियल्स, प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्यूएशन

Suzlon Energy ने FY25–26 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार लगभग 13,700–13,800 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 3,100–3,200 करोड़ रुपये के आसपास का प्रॉफिट दर्ज किया है, जिससे कंपनी अब लगातार प्रॉफिट में आ चुकी है। फंडामेंटल डेटा के अनुसार Suzlon का ROE लगभग 40–41 फीसदी, ROCE 30–32 फीसदी और कंपनी प्राइस टू अर्निंग रेशियो करीब 45–50 गुना तथा P/B लगभग 8–9 गुना पर ट्रेड कर रही है, यानी हाई वैल्यूएशन के बावजूद अर्निंग विजिबिलिटी मजबूत दिख रही है।​

Inox Wind ने हाल की तिमाहियों में टर्नअराउंड दिखाया और FY25 के बाद पहली बार कंसोलिडेटेड स्तर पर 400–500 करोड़ रुपये के आसपास का प्रॉफिट दर्ज किया है। फिर भी पिछले 3 सालों का औसत ROE माइनस या लो सिंगल डिजिट रहा, और Screener व अन्य डेटा के मुताबिक कंपनी P/B लगभग 3–3.1 गुना और PE के हिसाब से 55–60 गुना के ऊपर ट्रेड कर रही है, यानी Suzlon से कम प्रॉफिटेबिलिटी पर भी ज़्यादा कमाई मल्टीपल मिल रहा है।​

एक्सपर्ट व्यू: किसे मिल रहा ज़्यादा सपोर्ट

कई ब्रोकरेज और रिसर्च रिपोर्ट्स में Suzlon को सेक्टर का relatively साफ बैलेंस शीट वाला और स्केलेबल प्ले बताया गया है। एक प्रमुख रिपोर्ट के मुताबिक Suzlon का PE 47.2 और Inox Wind का 55.9 है, जबकि Suzlon का ROE 41.3% और ROCE 32.4% है, जो Inox के ROE 13.2% और ROCE 11.5% से काफी बेहतर है; विश्लेषकों का कहना है कि बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और क्लीनर बैलेंस शीट के चलते गिरावट में Suzlon को प्रेफरेंस दी जा सकती है।​​

डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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