Energy Stock : भारत 2030 तक 500 GW नॉन‑फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी और 2070 तक नेट‑जीरो एमिशन के लक्ष्य के साथ तेज ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के दौर में है। इस माहौल में सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स वाली कंपनियों पर पॉलिसी सपोर्ट, PLI, सस्ती फाइनेंसिंग और लंबी अवधि के ऑर्डर फ्लो का बड़ा असर दिख रहा है। ऐसे समय में कुछ कंपनियां मजबूत ग्रोथ के बावजूद इंडस्ट्री एवरेज से कम P/E पर ट्रेड कर रही हैं, जिसे वैल्यू की नजर से अहम माना जा रहा है।
Waaree Energies Limited
Waaree Energies भारत की सबसे बड़ी सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स में गिनी जाती है, जिसकी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता लगभग 16.7 GWp और सोलर सेल क्षमता करीब 5.4 GWp के आसपास है। कंपनी के मुताबिक मार्च 2025 तक इसका ऑर्डर बुक 25 GW से ज्यादा है, जिसकी वैल्यू लगभग 47,000 करोड़ रुपये बताई गई है और इसमें 59–60 फीसदी एक्सपोर्ट तथा 40–41 फीसदी घरेलू ऑर्डर्स शामिल हैं।
FY25 में Waaree Energies ने लगभग 14,846 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष से करीब 27–28 फीसदी अधिक रहा, जबकि EBITDA लगभग 3,123 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट में 250 फीसदी से ज्यादा की छलांग देखने को मिली। मैनेजमेंट ने FY26 के लिए 5,500–6,000 करोड़ रुपये के EBwITDA गाइडेंस के साथ मार्जिन और ग्रोथ दोनों में मजबूती की उम्मीद जताई ह
NTPC Limited
NTPC अभी भी भारत की सबसे बड़ी कोयला आधारित पावर जेनरेटर है, लेकिन साथ‑साथ तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो बढ़ा रही है। FY25 में कंपनी ने कुल 3,972 MW नई कैपेसिटी जोड़ी, जिसमें से 3,312 MW सिर्फ रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स से आई और NTPC की कुल RE क्षमता 5,900–5,902 MW पर पहुंच गई; NTPC Green Energy Limited की FY25 रिन्यूएबल जेनरेशन 8.28 BU और रेवेन्यू लगभग 2,466 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
NTPC ने 2032 तक 60 GW रिन्यूएबल कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 3/5/8 GW की वार्षिक RE एडिशन गाइडेंस FY25/26/27 के लिए दी गई है, जबकि समानांतर रूप से 25 GW तक नई थर्मल कैपेसिटी भी जोड़े जाने की योजना है।
Inox Wind Limited
Inox Wind भारत की प्रमुख विंड टर्बाइन और EPC कंपनियों में से है, जो प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, टर्बाइन सप्लाई और O&M सर्विसेस प्रदान करती है। FY23 से FY25 के बीच इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 7,330 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,000–12,000 करोड़ रुपये के ऊपर और फिर लगभग 30,000–35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो बड़े टर्नअराउंड और तेज एक्जीक्यूशन की ओर इशारा करता है; FY25 में कंपनी ने करीब 4,351 करोड़ रुपये के आसपास का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि इससे पहले कई साल लगातार घाटे में रहे थे।
कर्ज पुनर्गठन और प्रमोटर सपोर्ट के बाद Inox Wind ने बैलेंस शीट हल्की करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और विभिन्न ब्रोकरेज अनुमानों के अनुसार कंपनी अगले दो–तीन साल में 8–10 GW तक की इंस्टॉल्ड और ऑर्डर बुक कैपेसिटी टच करने का लक्ष्य रखती है।
KPI Green Energy Limited
KPI Green Energy यूटिलिटी‑स्केल सोलर, C&I (कैप्टिव/ग्रुप‑कैप्टिव) प्रोजेक्ट्स और विंड‑सोलर हाइब्रिड सॉल्यूशंस पर फोकस करने वाली कंपनी है। हाल के वर्षों में इसने IPP (Independent Power Producer) और कैप्टिव दोनों मॉडल के तहत प्रोजेक्ट्स विकसित किए हैं और गुजरात सहित पश्चिमी भारत में इसकी मजबूत प्रेजेंस बन चुकी है। उपलब्ध ताजा कंसोलिडेटेड नतीजों के अनुसार, FY25 तक KPI Green का TTM रेवेन्यू लगभग 2,265 करोड़ रुपये और PAT करीब 417 करोड़ रुपये दिखाया गया है, जबकि पिछले कुछ सालों में इसका रेवेन्यू CAGR 90–100 फीसदी के आसपास रहा है।
फाइनेंशियल रेशियो की बात करें तो सितंबर 2025 तक TTM आधार पर KPI Green का P/E करीब 21–23 गुना, P/B 3.6–3.7 गुना और P/S लगभग 3.9 गुना दिखता है, जबकि ROE 16–25 फीसदी के दायरे में और ROCE डबल‑डिजिट मिड‑टीन्स स्तर पर रहा है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।